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Himachal मतगणना में कांग्रेस आगे, मुख्यमंत्री जयराम आगे, चार मंत्री पिछड़े

शिमला : हिमाचल प्रदेश 68 सदस्यीय विधानसभा चुनावों की आज हो रही मतगणना में सत्तारूढè भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस के बीच कांटे का मुकाबला चल रहा है। डाक मतपत्रों की गिनती हो चुकी है। ईवीएम मतगणना जैसे जैसे आगे बढè रही है तो कभी भाजपा और कभी कांग्रेस बढèत लेते हुये दिखाई दे रही है। फिलहाल के रूझानों में कांग्रेस 35 और सत्तारूढè भाजपा 31 चल रही है।

दो सीटों पर निर्दलीय समेत अन्य आगे चल रहे हैं। ऐसे में रूझानों पर गौर करें तो राज्य में भाजपा का रिवाज बदलने का नहीं बल्कि कांग्रेस का राज बदलने का नारा साकार होता दिखाई दे रहा है। सभी सीटों पर चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी(आप) को मतदाताओं ने पूर्णतया नकार दिया है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर सिराज से और जुब्बल कोटखाई से भाजपा के चेतन बरागटा आगे चल रहे है। कांग्रेस विधायक दल और विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री हरोली, ज्वालामुखी से संजय रत्न और गगरेट से चैतन्य शर्मा आगे रहे हैं। नालागढè से भाजपा के बागी के एल ठाकुर आगे चल रहे हैं।

15 विधानसभा सीटों वाले कांगड़ा जिले में कांग्रेस आठ सीटों पर आगे चल रही है। अभी तक रूझानों में सरकार के चार मंत्री भी पीछे चल रहे हैं। कांग्रेस ने राज्य में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ा जबकि भाजपा केंद्र और राज्य में अपनी सरकारों के विकास कार्यों, सुसाशन और जन कल्याण योजनाओं आधार पर जनता के बीच गई है। फिलहाल के रूझानों में कांग्रेस उक्त मुद्दों के सहारे बढèत लेती दिखाई दे रही है।

राज्य की 68 सदस्यीय विधानसभा के लिये गत 12 नवम्बर को चुनाव हुये, जिसमें 412 उम्मीदवारों की राजनीतिक किस्मत ईवीएम में लॉक हो गई थी। चुनावी दंगल में भाजपा और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी (आप), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और अनेक निर्दलीय उतरे थे। इनमें 388 पुरुष और 24 महिला उम्मीदवार हैं। इस बार के विधानसभा चुनाव में 76.6 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर इतिहास रच दिया था।

निर्वाचन आयोग ने हालांकि राज्य में इस बार 80 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा था। इससे पहले वर्ष 2017 में 75.57 प्रतिशत, 2007 में 71.61 प्रतिशत और 2012 में 72.69 प्रतिशत मतदान हुआ था। वर्ष 2017 के चुनावों में भाजपा को 44, कांग्रेस को 21 सीटें मिलीं थीं। दो सीटों पर निर्दलीय और एक सीट पर माकपा प्रत्याशी ने जीत हासिल की थी।

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