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धमतरी में पखवाड़े भर से सूखे नल, कई परिवार बूंद-बूंद पानी को मोहताज

धमतरी। शहर के हृदय स्थल मकई चौक के पास इन दिनों 20 परिवारों के घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच रही। पिछले पखवाड़े भर से मकेश्वर वार्ड के इन परिवारों के नल सूखे पड़े हैं और लोग पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। शिकायतों के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

जानकारी के अनुसार बालक चौक से मकई तालाब तक बारिश के पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन विस्तार का कार्य कई महीनों से जारी है। इसी दौरान गड्ढा खोदते समय ठेकेदार द्वारा पेयजल पाइप लाइन क्षतिग्रस्त कर दी गई। नियमानुसार क्षति की मरम्मत की जिम्मेदारी ठेकेदार की है, लेकिन अब तक न तो मरम्मत कराई गई और न ही आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई।

इधर नगर निगम स्थिति को सुधारने के लिए तैयार तो है, लेकिन पाइप का बैंड समेत आवश्यक सामग्री उपलब्ध नहीं होने से मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पा रहा। बताया गया है कि सामग्री खरीदने में करीब 15 हजार रुपये का खर्च आएगा, परंतु ठेकेदार न तो सामान दे रहा है और न ही राशि उपलब्ध करा रहा है। नतीजतन 20 परिवारों तक पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है।

मकेश्वर वार्ड के सोहन धीवर, बबलू साहू, देवेंद्र कुमार का कहना है कि वे कई बार निगम कार्यालय में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन स्पष्ट जवाब तक नहीं मिल रहा। जनक राम साहू पंकज ध्रुव का कहना है कि नगर निगम को पेयजल व्यवस्था की ओर ध्यान देना चाहिए। गर्मी के मौसम में काफी स्थिति खराब है।

साफ पानी के लिए दूसरे के घरों पर तक जाना पड़ रहा है। जल विभाग के इंजीनियर लोमस देवांगन ने मामले की जानकारी होने से इंकार करते हुए कहा कि संबंधित कार्य महिला इंजीनियर देख रही हैं। जिम्मेदार अधिकारियों के इस रवैये से लोगों में नाराजगी है।

नगर निगम के एमआईसी मेंबर एवं जल विभाग प्रभारी सभापति अखिलेश सोनकर ने बताया कि मरम्मत के लिए टीम भेजी गई थी, पर सामग्री के अभाव में कार्य नहीं हो सका। ठेकेदार को स्टीमेट देकर मरम्मत कराने निर्देशित किया गया है और एक-दो दिन में व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिया गया है।

फिलहाल सवाल यह है कि जब जिम्मेदारी तय है, तो 20 परिवारों को पानी के लिए क्यों तरसना पड़ रहा है? गर्मी की आहट के बीच पेयजल संकट ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

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