तीन माह बाद बिजली की कीमत में राहत, जुलाई के बिल में 11 से 17 पैसे प्रति यूनिट देने पड़ेंगे कम

रायपुर(realtimes) छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं काे तीन माह बाद सस्ती बिजली मिलेगी। लेकिन यह महज एक माह के लिए है। वैसे अब बारिश और इसके बाद ठंड में खपत कम होने से दाम में कमी की ही संभावना है। केंद्र सरकार का बिजली के लिए तय किया गया नया फार्मूला अब उपभोक्ताओं के लिए जून में आफत लाने के बाद जुलाई में राहत लेकर आया है। जुलाई की बिजली 11 से 17 पैसे प्रति यूनिट पिछले माह के मुकाबले सस्ती हो गई है। नए फार्मूले से हर माह बिजली की कीमत तय हो रही है। ऐसे में सबसे बड़ा झटका जून की बिजली में लगा था, जब इसमें ऊर्जा प्रभार पर 14.23 प्रतिशत कीमत बढ़ी थी, लेकिन अब जुलाई की बिजली तीन फीसदी सस्ती होने से इस माह 11.23 प्रतिशत ही ऊर्जा प्रभार पर शुल्क लगेगा।
प्रदेश में अब तक बिजली उपभोक्ताओं से वीसीए के रूप में बिजली की कीमत बढ़ने से अंतर की राशि वसूली जाती थी, लेकिन इसको केंद्र सरकार ने नए सत्र अप्रैल से बंद कर दिया है। इसके स्थान पर केंद्रीय सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ राज्य बिजली नियामक आयोग ने अब उत्पादन लागत के अंतर की राशि को उपभोक्ताओं से वसूलने के लिए नया फार्मूला फ्यूल पाॅवर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) लागू कर दिया है। एफपीपीएएस में पहले माह 5.3 प्रतिशत शुल्क लगा था, लेकिन दूसरे माह में शुल्क डबल हो गया और दस फीसदी ऊर्जा प्रभार पर शुल्क लगा। तीसरे माह 14.23 फीसदी शुल्क लगा। लेकिन अब शुल्क में कमी हो गई है।
कितनी खपत पर कितनी राहत
नए फार्मूले में पहले सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 370 रुपए है, तो इस पर 11.23 फीसदी के हिसाब से 41.55 रुपए लगेंगे, यानी प्रति यूनिट पर 41.55 पैसे। पिछले माह यह 53 पैसे था। यानी अब 11.45 पैसे कम देने पडेंगे। दो सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 760 रुपए होता है। इस पर 85 रुपए लगेंगे यानी 43 पैसे प्रति यूनिट पर लगेंगे। पहले 54 पैसे रहे थे। यानी अब 11 पैसे कम देने पड़ेंगेे। तीन सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 1290 रुपए है। इस पर 144 रुपए लगेंगे। इस पर 49 पैसे प्रति यूनिट पर देने पड़ेंगे। पिछली बार 61 पैसे लग रहे थे। यानी 12 पैसे कम देने होंगे। चार सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 1820 रुपए है, इस पर 204 रुपए लगेंगे। यानी 52 पैसे प्रति यूनिट पहले 64.72 रुपए लग रहे थे। यानी 13 पैसे बचेंगे। छह सौ यूनिट की खपत का ऊर्जा प्रभार 2980 रुपए होता है। इस पर 334 रुपए लगेंगे। इतनी खपत पर 55 पैसे प्रति यूनिट लगेंगे। पहले 70 पैसे लग रहे थे। सात सौ यूनिट पर ऊर्जा प्रभार 3710 रुपए होता है। इस पर 416 रुपए लगेंगे। यानी 59.42 पैसे प्रति यूनिट। पहले 75 पैसे लग रहे थे। यानी 16 पैसे कम लगेंगे। 800 यूनिट खपत का ऊर्जा प्रभार 45 सौ रुपए होता है। इस पर 505 रुपए लगेंगे यानी 63 पैसे प्रति यूनिट। पहले 80 पैसे यूनिट लग रहे थे। यानी अब 17 पैसे कम लगेंगे। चार सौ यूनिट की खपत में बिजली बिजली हॉफ योजना के कारण आधा पैसा लगेगा।
खरीदी की कीमत में भी गिरावट
छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी जहां अपने उत्पादन संयंत्रों से बिजली लेती है, वहीं दूसरे संस्थानों से भी बिजली लेती है। जुलाई की बिजली खरीदी में अपने संयंत्रों से जहां बिजली 5.41 प्रतिशत सस्ती मिली, वहीं एनटीपीसी की बिजली 7.87 और अन्य राज्यों की 2.67 प्रतिशत सस्ती मिली।



