तकनीक आधारित दौर में अत्याधुनिक जहाज निर्माण पर जोर, जीआरएसई से रक्षा मंत्री की अपील - realtimes
मौसम डेटा स्रोत: रायपुर मौसम
national

तकनीक आधारित दौर में अत्याधुनिक जहाज निर्माण पर जोर, जीआरएसई से रक्षा मंत्री की अपील

तकनीक आधारित दौर में अत्याधुनिक जहाज निर्माण पर जोर, जीआरएसई से रक्षा मंत्री की अपील

नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते तकनीक आधारित दौर में जीआरएसई को अत्याधुनिक और नवाचार आधारित जहाज एवं प्लेटफॉर्म विकसित करने चाहिए। उन्होंने जीआरएसई से भारत के विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाने का आह्वान किया।

 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स परिसर में कर्मचारियों और उनके परिवारों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा, “आज का युग तकनीक का युग है। जीआरएसई को इसी के साथ तालमेल बिठाते हुए ऐसे जहाज और प्लेटफॉर्म तैयार करने चाहिए, जो भारत और दुनिया में जहाज निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्टता का प्रतीक बनें।” उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह सरकार के विकसित भारत-2047 के सपने को साकार करने में जीआरएसई की अहम भूमिका होगी।

 राष्ट्र-निर्माण और समुद्री अर्थव्यवस्था में जीआरएसई के योगदान की सराहना करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय शिपयार्ड देश के औद्योगिक और रक्षा इतिहास का जीवंत अध्याय हैं। पिछले डेढ़ सदी से जीआरएसई ने भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल को शक्तिशाली युद्धपोत, फ्रिगेट और अन्य जहाज उपलब्ध कराए हैं, जिन्होंने देश के समुद्री हितों की रक्षा की है।

 राजनाथ सिंह ने कहा, “जब आपका बनाया हुआ आधुनिक युद्धपोत समुद्र की लहरों पर चलता है, तो वह केवल स्टील और मशीनों का ढांचा नहीं होता। यह हजारों श्रमिकों की मेहनत, इंजीनियरों की नवाचार क्षमता, तकनीशियनों की सटीकता और देश के प्रति समर्पण का प्रतीक होता है।”

 रक्षा मंत्री ने जीआरएसई के कर्मचारियों को केवल नौकरीपेशा नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण के महान अभियान का अभिन्न हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, कौशल और प्रतिबद्धता से जीआरएसई ने असंभव को संभव बनाया है। उन्होंने कर्मचारियों से इसी उत्साह और समर्पण के साथ काम करते रहने की अपील करते हुए कहा, “नई चुनौतियां आएंगी, नई तकनीकें आएंगी और प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी, लेकिन इसी मेहनत और समर्पण से जीआरएसई भारत और दुनिया में जहाज निर्माण उत्कृष्टता का चमकता सितारा बनेगा।”

 कार्यक्रम में जीआरएसई के कर्मचारियों और उनके परिवारों ने रक्षा मंत्री के सम्मान में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। राजनाथ सिंह ने इसे ‘बहुत शानदार’ बताते हुए कहा कि यह भारत की विविधता, एकता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की खूबसूरत झलक थी। इस अवसर पर जीआरएसई के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कमोडोर पी.आर. हरि (सेवानिवृत्त), रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और शिपयार्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

— 

 

Related Articles

Back to top button