टाटीबंध से जयस्तंभ चौक, तेलीबांधा होकर फुंडहर चौक तक बिजली के तार हाेंगे अंडरग्राउंड - realtimes
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टाटीबंध से जयस्तंभ चौक, तेलीबांधा होकर फुंडहर चौक तक बिजली के तार हाेंगे अंडरग्राउंड

रायपुर(realtimes) छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी शहर के व्यस्त बाजारों के ताराें काे एक दशक में अंडरग्राउंड नहीं कर सकी, लेकिन अब शहर के बाहरी क्षेत्र के लिए दस किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी योजना बनाई गई है। इस योजना में फुंडहर से तेलीबांधा, जयस्तंभ चौक होते हुए टाटीबंध तक के बिजली के तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा।  इस योजना में 930 करोड़ खर्च होंगे। योजना को बनाकर पहले चरण में राज्य सरकार को भेजा गया है। राज्य सरकार से मंजूरी के बाद इसको केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने पर योजना में काम प्रारंभ किया जाएगा।

राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने के दिशा में कई काम हो रहे हैं। शहर के अंदर बिजली के तारों का जाल बिछा हुआ है। अलग-अलग योजनाएं बनाकर बिजली के तारों को हटाने की योजना पर काम हो रहा है। एक योजना पर स्मार्ट सिटी खुद काम कर रही है। इसमें बूढ़ा तालाब के चारों तरफ के तारों को अंडरग्राउंड करने का काम चल रहा है। इसके पहले स्मार्ट सिटी ने पॉवर कंपनी को आधा दर्जन से ज्यादा मार्गों के तारों को अंडरग्राउंड करने का काम दिया था, पर इसके टेंडर में गड़बड़ी के कारण पावर कंपनी से स्मार्ट सिटी ने पैसे वापस भी ले लिए हैं। अब इस पर स्मार्ट सिटी खुद काम करेगी। इधर पॉवर कंपनी भी अपनी योजनाओं पर काम कर रही है।
बड़ी और लंबी योजना
पॉवर कंपनी ने एक बड़ी और लंबी योजना तैयार की है। इस योजना में वीआईपी रोड फुंडहर चौक से लेकर टाटीबंध तक तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इस मार्ग में फुंडहर से राम मंदिर के पास वीआईपी चौक से तेलीबांधा, मरीन ड्राइव, भगत सिंह चौक, नगर घड़ी, शास्त्री चौक, जयस्तंभ चौक, तात्यापारा चौक, आजाद चौक, रविशंकर विश्वविद्यालय, महोबा बाजार होते हुए टाटीबंध चौक तक के पूरे मार्ग के तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा।
केंद्र सरकार से मिलेगी मदद
योजना का प्रस्ताव बनाकर पहले चरण में राज्य सरकार को भेजा गया है। इसको राज्य सरकार से मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार काे भेजा जाएगा। केंद्र सरकार से अलग-अलग योजनाओं में वित्तीय मदद मिलती है। किसी योजना में 40 तो किसी में 60 फीसदी तक मदद मिल जाती है। जैसे लाइन लाॅस कमरने वाली तीन हजार करोड़ की योजना पर केंद्र सरकार से 60 फीसदी मदद मिल रही है। नई योजना में भी प्रावधान के हिसाब से मदद मिलेगी।

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