छत्तीसगढ़ महाविद्यालय में एक दिवसीय व्याख्यानमाला का आयोजन

रायपुर. शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय के इतिहास परिषद ने एक दिवसीय व्याख्यानमाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमिताभ बनर्जी ने की। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालय के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया और महाविद्यालय का नाम रोशन करने की बात कही। इस व्याख्यानमाला में मुख्य वक्ता के रूप में संयुक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ. डी. एस. जगत और संयुक्त संचालक जनसंपर्क श्री धनंजय राठौर उपस्थित थे।
डॉ. डी. एस. जगत ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन जनता की आकांक्षाओं और आंदोलनों का परिणाम था। छत्तीसगढ़ की स्थापना से पहले, 2 नवंबर 1861 को इसे मध्य प्रांत का हिस्सा बनाया गया था, और 1862 में इसे एक स्वतंत्र संभाग का दर्जा मिला। 1924 में रायपुर जिला परिषद ने पृथक राज्य की मांग का संकल्प पारित किया, और 1939 में पंडित सुंदरलाल शर्मा ने इस मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। विभिन्न आंदोलनों और संगठनों के योगदान के बाद, 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ देश का 26वां राज्य बना।
इसके अलावा, श्री धनंजय राठौर ने भारतीय राष्ट्रवाद के उदय पर अपनी बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि भारत में राष्ट्रीयता का विकास अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान हुआ। अंग्रेजी शिक्षा के प्रसार ने भारतीयों में स्वतंत्रता और स्वाभिमान की भावना जागृत की। इस दौरान, राजा राममोहन राय, स्वामी विवेकानंद और अन्य समाज सुधारकों ने समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने का प्रयास किया, जिससे भारतीयों में आत्मसम्मान और संस्कृति के प्रति गर्व की भावना विकसित हुई।
श्री राठौर ने कहा कि भारत में राष्ट्रवादी विचारधारा का उदय 19वीं शताब्दी में हुआ, जब ब्रह्म समाज, आर्य समाज, रामकृष्ण मिशन जैसी संस्थाओं ने भारतीयों को अपनी संस्कृति की श्रेष्ठता से अवगत कराया। समाचार पत्रों और साहित्य के माध्यम से भी राष्ट्रीय चेतना का प्रसार हुआ। श्री बंकिमचन्द्र चटर्जी द्वारा रचित “वंदे मातरम्” गीत ने भी लोगों में देशभक्ति की भावना को बढ़ावा दिया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के कई शिक्षक एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. राजेश शुक्ला, डॉ. साहसी, डॉ. मोनिका, डॉ. अरुणा और अन्य प्रमुख शिक्षक शामिल थे।



