मोदी सरकार ने किया UPI सुविधा को लेकर बड़ा ऐलान, भ्रष्टाचार रोकने में मिलेगी मदद

मुंबई: भारत सरकार द्वारा सभी पंचायतों को 15 अगस्त तक यूपीआई सुविधा से लैस करने का टारगेट रखा है। सरकार की तरफ से लगातार सभी पंचायतों के अपडेशन पर लगातार काम किया जा रहा है। मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, पंचायतों को 15 जुलाई तक उपयुक्त सर्विस प्रोवाइड को चुनना होगा और 30 जुलाई तक ‘वेंडर’ के नाम बताने होंगे। पंचायती राज मंत्रालय की तरफ से एक लेटर के जरिये यह जानकारी दी गई है कि,देश में सभी पंचायतें विकास कार्यों और राजस्व संग्रह के लिए इस स्वतंत्रता दिवस से जरूरी रूप से डिजिटल पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल करेंगे और यूपीआई उपयोग करने वाले घोषित कर दिए जाएंगे।
साथ ही पंचायतों को एकल ‘वेंडर’ को चुनने के लिए कहा गया है, जो पूरे क्षेत्र को कवर करता है। मंत्रालय की तरफ से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा गया कि मुख्यमंत्रियों, सांसदों और विधायकों जैसे प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में यूपीआई उपयोग करने वाले पंचायतों की ‘घोषणा और उद्घाटन’ करना चाहिए। इस सम्बन्ध में पंचायती राज्य मंत्रालय के सचिव सुनील कुमार ने बताया कि करीब 98 प्रतिशत पंचायतें पहले से ही यूपीआई बेस्ड पेमेंट शुरू कर चुकी हैं। साथ ही यूपीआई के जरिये लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
सरकारी आंकड़ों की जानकारी के अनुसार, सिर्फ जनवरी, 2023 में ही 12.98 लाख करोड़ रुपये के 806.3 करोड़ लेन-देन ‘भीम’ के माध्यम से किए गए हैं। इसमें से करीब 50 प्रतिशत लेन-देन ग्रामीण एवं आसपास के क्षेत्रों में हुए.अब पंचायतों को भुगतान डिजिटल तरीके से किया जाएगा. चेक और नकदी से भुगतान लगभग बंद हो गया है। पंचायती राज राज्यमंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल ने कहा कि डिजिटल लेनदेन चालू करने से भ्रष्टाचार रोकने में मदद मिलेगी और अब ज्यादातर पंचायतें डिजिटल लेनदेन कर रही हैं।



