एक बार कार्रवाई करके फिर झांकने नहीं गए, 12 रुपए में बिकने वाली रेत हो गई 30 रुपए फीट - realtimes
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एक बार कार्रवाई करके फिर झांकने नहीं गए, 12 रुपए में बिकने वाली रेत हो गई 30 रुपए फीट

रायपुर(realtimes) रेत के अवैध उत्खनन और भंडारण को लेकर जिला प्रशासन ने भारी दबाव के कारण एक बार ही कार्रवाई करके सारी खानापूर्ति कर दी है। इसके बाद से काेई भी अफसर भंडारण स्थलाें तक झांकने नहीं गया है, इसका असर यह हुआ है कि रेट भंडारण स्थलों पर अब भी रायल्टी के 660 के स्थान पर साढ़े चार हजार और लोडिंग के साढ़े आठ हजार वसूले जा रहे हैं। घाट बंद होने से पहले चिल्हर में जो रेत महज 12 रुपए फीट बिक रही थी, वह अब 30 रुपए फीट में बिक रही है। कई घाटों में अब भी रात को अवैध उत्खनन हो रहा है। इसको रोकने वाला कोई नहीं है। रेत का परिवहन वाले इस बात को लेकर खफा है कि काईवाई के नाम पर उनके वाहनों को ही निशाना बनाया जा रहा है।

मानसून के कारण रेत घाटों को 15 अक्टूबर तक के लिए बंद कर दिया गया है। घाटों के बंद हाेने से पहले ही रेत घाट के ठेकेदारों ने हजारों ट्रक रेतों का अवैध भंडारण घाटों के आस-पास कर लिया है। हरिभूमि में प्रमुखता से खबर के प्रकाशन के बाद इस पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। इसके बाद लगा कि अब रेत की कीमत पर अंकुश लगेगा, लेकिन अब तक ऐसा कुछ नहीं हो सका है। रेत की कीमत अब तो और आसमान पर चली गई है।

तीन रुपए फीट लोडिंग का ले रहे 12 रुपए

रायपुर जिले में कार्रवाई के बाद भी रेत की कीमत में कोई कमी नहीं आई है। अब भी रेत की रायल्टी के 660 रुपए के स्थान पर साढ़े चार हजार तक वसूले जा रहे हैं। इसी के साथ लोडिंग के तीन रुपए फीट के स्थान पर 12 रुपए फीट तक लिए जा रहे हैं। ऐसे में सात सौ फीट ट्रक की रेत की कीमत रायल्टी और लोडिंग मिलाकर ही 13 हजार हाे रही है। इसके अलावा पांच हजार का डीजल रायपुर तक आने में लग रहा है। इस तरह से 18 हजार रुपए लग रहे हैं। इसको परिवहन करके लाने वाले 20 हजार तक बेच रहे हैं। 20 हजार में लेकर बिल्डिंग मटेरियल वालों को इसको 21 से 22 हजार में बेचना पड़ रहा है। ऐसे में रेत अब चिल्हर में 30 रुपए फीट तक हो गई है। सामान्य समय में एक ट्रक रेत की कीमत सभी खर्च मिलाकर साढ़े आठ हजार पड़ती है। ऐसे में इसकी कीमत 10 से 11 रुपए फीट पड़ती है और इसको चिल्हर वाले 12 से 13 रुपए में बेचते हैं। लेकिन अब कीमत डबल से भी ज्यादा हो गई है।

कार्रवाई महज ट्रकों पर

रेत परिवहन का काम करने वाले परिवहन संघ के पदाधिकारी कहते हैं, जिला प्रशासन की कार्रवाई पूरी तरह से एकतरफा है, महज खानापूर्ति के लिए ट्रकों पर कार्रवाई की जा रही है। एक भी रेत घाट के ठेकेदार और भंडारण करने वालों पर कार्रवाई नहीं की गई है। जानकारों का यह भी कहना है, जब भी कार्रवाई की बात आती है तो रेत घाट के ठेकेदारों को पहले से ही जानकारी दे दी जाती है और सब अपने घाटों के वाहन हटा लेते हैं। ऐसे में रेत लेकर आने वाले वाहनों पर कार्रवाई कर दी जाती है। इसी तरह से जहां पर भंडारण किया गया है, वहां तक कार्रवाई करने के लिए अधिकारी जाते ही नहीं हैं।

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