उद्योगों को थोड़ी राहत, अब पेंडिंग काेयले के स्टॉक में 20 हजार टन राेज मिलेगा ज्यादा

रायपुर(realtimes) कोयला संकट काे लेकर परेशानी में चल रहे उद्याेगाें के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर यह है कि अब इन उद्याेगाें काे स्टील सचिव संजय सिंह की पहल पर थोड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार ने कोल इंडिया को पॉवर सेक्टर को ही प्राथमिकता से कोयला देने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में नॉन पॉवर सेक्टर को कोयला मिलने में परेशानी हो रही है। लेकिन अब स्टील सचिव ने निर्देश के बाद कोल इंडिया ने नॉन सेक्टर के बैकलॉक वाले स्टॉक में रोज 20 हजार टन कोयला ज्यादा देने का फैसला किया है। इसके निर्देश एसईसीएल को भी मिल गए हैं। ऐसे में प्रदेश के स्पंज आयरन उद्योग को भी इसका फायदा मिलेगा। लेकिन अब भी लिंकेज वाला पेंच फंसा हुआ है। इसके लिए लगातार केंद्र सरकार से मदद लेने का प्रयास हो रहा है।
काेयले को लेकर पूरे देश भर के नॉन पॉवर सेक्टर में हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे में प्रदेश का स्पंज आयरन उद्योग भी प्रभावित हुआ है। इस उद्योग को तो दोहरा झटका लगा है। एक तो नॉन पॉवर सेक्टर होने के कारण कम कोयला मिल रहा है, दूसरा इनका लिंकेज भी समाप्त हो गया है। ऐसे में इनको अब इस साल कोयला मिलने वाला नहीं है। जो पुराने बैकलॉक का कोयला है वही मिलेगा।
स्टील सचिव ने की मदद
स्पंज आयरन एसाेसिएशन के अध्यक्ष अनिल नचरानी का कहना है कि कोयले को लेकर केंद्रीय स्टील सचिव संजय सिंह ने नॉन पॉवर सेक्टर को बड़ी मदद की है। उन्होंने ही कोल इंडिया के चेयरमैन को नॉन पॉवर सेक्टर के उद्योगों को बैकलॉक के स्टॉक में इजाफा करने के लिए कहा। इसके बाद कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने एसईसीएल को लिंकेज वाले उद्योगों को बैकलॉक के स्टॉक में रोज 20 हजार टन कोयला ज्यादा देने के निर्देश दिए हैं। अब ऐसे में जिन स्पंज आयरन उद्योग का बैकलॉक का कोयला बचा है, उनको अब ज्यादा मात्रा में कोयला मिल सकेगा।
तीन माह का स्टॉक पेंडिंग
श्री नचरानी के मुताबिक करीब 70 फीसदी उद्योगों का तो लिंकेज समाप्त हो गया है। करीब 30 फीसदी का लिंकेज मुश्किल से छह माह का ही बचा है। इसी के साथ जहां तक बैकलॉक का सवाल है तो यह एक से तीन माह का बचा है। ऐसे में अब ज्यादा से ज्यादा कुछ उद्योग तीन माह तक ही चल पाएंगे। कई उद्याेगों का एक माह का ही बैकलॉक जो मार्च का है, वही बचा है। इसके बाद इन उद्योगों को कोयला नहीं मिला तो ये बंद हो जाएंगे। कुल मिलाकर बैकलॉक कोयले का स्टॉक समाप्त होने से पहले अगर लिंकेज का नवीनीकरण नहीं हुआ तो आने वाले समय में सभी उद्योगों में ताले लग जाएंगे।



