
पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के 6 विधायकों रेणु बाला, संजय सिंह, सुरेंद्र पवार, कुलदीप वत्स, सुभाष गांगोली, मामन खान और उनके परिजनों को धमकियां मिल चुकी हैं। बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि कुलदीप वत्स के घर में घुसकर उनके नौकरों और स्टाफ के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। यह धमकियां जनप्रतिनिधियों द्वारा अपराध के विरुद्ध उनकी आवाज को दबाने के लिए मिल रही हैं। विधायकों और व्यवसायियों से फिरौती की घटनाएं आम हो गई हैं। हत्या, बलात्कार, अपहरण छीना-झपटी और कमजोर वर्गों के खिलाफ अपराधों की घटनाओं में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। अपराधी बेखौफ और खुले घूम रहे हैं और सरकार उनके सामने विवश, मूकदर्शक और उनकी संरक्षक की भूमिका में नजर आती है।



