
अधिकारियों ने कहा कि इनमें से 20 कक्ष मंकीपॉक्स के रोगियों और संदिग्ध रोगियों के इलाज के लिए नोडल केंद्र LNNJP अस्पताल में बनाए गए हैं, जबकि अन्य पांच अस्पतालों में 10-10 कक्ष स्थापित किए गए हैं। इन पांच अस्पतालों में दिल्ली सरकार द्वारा संचालित जीटीबी अस्पताल तथा डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल और तीन निजी अस्पताल- कैलाश दीपक अस्पताल, एमडी सिटी अस्पताल और बत्रा अस्पताल, तुगलकाबाद शामिल हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने मंकीपॉक्स के प्रकोप को आंखें खोलने वाला करार दिया है। उन्होंने बताया कि 1979-80 से स्मालपॉक्स वैक्सीनेशन कार्यक्रम को रोक दिया गया है। उमंकीपॉक्स का प्रकोप हमारे लिए “नींद से जगाने वाला” रहा है क्योंकि हमें हर समय घातक प्रकोप से बचाव के लिए खुद को तैयार रखने की जरूरत है।



