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महिला ने इंस्टाग्राम पर रचा झूठा ड्रामा, कैंसर मरीज बनकर 2.3 मिलियन फॉलोअर्स बनाए, करोड़ों ठगे

एक महिला (Woman) सोशल मीडिया (Social media) पर लोगों के साथ अपनी कहानी शेयर (Story Share) करती है, कहानी ऐसी कि जिसे सुनकर लोगों के आंखों में आंसू आ जाएं. ये महिला लोगों को ये बताती है कि वो ब्लड कैंसर (Blood Cancer) की मरीज है. डॉक्टर ने उसे थर्ड-फोर्थ स्टेज का कैंसर डायग्नोज किया था. और वो स‍िर्फ चार महीने जिंदा रहेगी. उसकी कहानी सुनकर लोग भी उसके साथ सोशल मीडिया पर जुड़ने लगे और फॉलोअर्स मिलियन में पहुंच गए. यहां उसने लोगों को बताया कि रेड‍िएशन-कीमोथेरेपी और कैंसर का पारंपरिक इलाज छोड़कर खाने के जरिये कैंसर के खिलाफ जंग लड़ रही है. लेकिन बाद में जब कहानी सामने आई तो उसके फरेब का खुलासा हुआ कि कैसे उसने बीमारी की आड़ में लोगों को बेवकूफ बनाकर खूब पैसे कमाए.

लोगों को सीख देती है ये कहानी
आपको याद होगा, हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक रील वायरल हुई थी. इसमें एक आदमी ने गंजे सिर पर बाल उगाने का दावा किया था. पड़ताल के बाद ये दावा झूठा साबित हुआ था. ऐसी तमाम रीलें रोज ही हम और आप स्क्रोल करते रहते हैं, जिसमें कभी-कभी किसी रोग के इलाज के लिए रोजमर्रा के मसालों में से कोई मिश्रण खाने की सलाह दी जाती है. कभी गोरा होने के लिए तो कभी लंबा होने के लिए कोई फंडा बताया जाता है. हममें से कई लोग न स‍िर्फ इन पर यकीन कर लेते हैं, बल्क‍ि कई लोग आंख मूंदकर इसे अपनाने भी लगते हैं. लेकिन, यह कहानी आपको सोशल मीड‍िया पर सचेत रहने की ऐसी सीख देती है, जो कभी भूलनी नहीं चाहिए.

इस कहानी पर बनी है नेटफ्ल‍िक्स की ये सीरीज
6 फरवरी को नेटफ्ल‍िक्स पर एक लिमिटेड एपीसोड वाली सीरीज (Apple Cider Vinegar) स्ट्रीम हुई. यह सीरीज सोशल मीड‍िया के जरिये झूठ का साम्राज्य खड़ा करने वाली एक महिला की कहानी पर बेस्ड है. यह महिला है ऑस्ट्रेल‍िया की रहने वाली बेल ग‍िब्सन. करीब एक दशक पहले ऑस्ट्रेलिया के वेलनेस उद्योग में चमकदार स‍ितारा बनकर उभरी इस महिला की तारीफों के पुल बांधे जा रहे थे.

बता दें कि बेल गिब्सन ने सबसे पहले इंस्टाग्राम पर खुद को ब्रेन कैंसर का मरीज बनाकर प्रस्तुत किया था. उसने अपनी पहचान (Profile Bio) में ही ब्रेन कैंसर पेशेंट + फूड ऑब्सेशन के साथ गेमचेंजर के रूप में पेश किया था. बेले गिब्सन ने 2013 में इंस्टाग्राम जॉइन किया. ये वो दौर था जब फोटो शेयरिंग सोशल नेटवर्क इंस्टा काफी लोकप्रिय हो रहा था. बेल ने यहां जिस तरह अपने आपको पेश किया, वो जल्द ही वायरल हो गई. यहां उसने बताया कि वह एक टर्मिनल ब्रेन कैंसर मरीज है और पारंपरिक कीमोथेरेपी और रेड‍िएशन के बजाय वो प्राकृतिक रूप से खुद को ठीक (Heal) कर रही है. उसने अपना इंस्टा फीड ऑर्गेनिक भोजन और जूस की रेसिपी से भर दिया था.

ऐप्पल ऐप स्टोर पर भी लांच हुई ऐप
उसी साल, बेल ग‍िब्सन ने ‘द होल पेंट्री’ नाम से ऐप्पल ऐप स्टोर में एक रेसिपी ऐप लॉन्च किया. इस ऐप ने पहले महीने में ही ऐप्पल ऐप स्टोर में टॉप रेटिंग हास‍िल कर ली. गिब्सन ने होल पेंट्री ब्रांड से दो साल से भी कम समय में आधा मिलियन डॉलर कमा ल‍िए. इसके बाद नामी पब्ल‍िश‍िंग हाउस पेंगव‍िन से बेल ने 2014 में ‘द होल पेंट्री’ नाम से ही एक कुकबुक प्रकाशित की.

इंस्टा पर वो जब नुस्खे बताती थीं तो यूजर्स उनके फैन बन जाते थे. लोग उन्हें सहानुभूति देते थे, साथ ही उनसे सलाह मांगते थे कि उनकी बीमारियों का इलाज कैसे किया जाए. फिर वो ऐसे खाद्य पदार्थ या कोई ट्रीटमेंट सुझाती थीं, जिसमें वो उन्हें ठीक करने में मदद का दावा करती थीं. ‘एप्पल साइडर विनेगर’ सीरीज में दिखाया गया है कि कैसे एक मामूली लड़की देखते ही देखते एक कैंसर सर्वाइवर-सिंगल मदर-उद्यमी-लेख‍िका के तौर पर सेल‍िब्र‍िटी बन जाती है. उन्हें पैसे कमाने और ख्याति पाने का ऐसा नशा चढ़ता है कि वो इसी झूठ के बेस पर अपनी कुक बुक लांच करती है. यही नहीं, वो कैंसर मरीजों के इलाज के नाम पर भी फंड‍िंग भी करती है और मरीजों तक कभी मदद नहीं पहुंचती. आख‍िर में एक खोजी पत्रकार ने उसके झूठ से पर्दा उठाया तो कई राज सामने आए.

असल‍ियत में वो पूरी तरह हेल्दी थी
इसमें सामने आया कि असल‍ियत में उसे कोई घातक ब्रेन ट्यूमर नहीं था, वो पूरी तरह स्वस्थ थी. साल 2017 में गिब्सन को भ्रामक आचरण का दोषी ठहराते हुए ऑस्ट्रेलिया के संघीय न्यायालय ने उन्हें लगभग $400,000 (ऑस्ट्रेलियाई) या $322,000 (यूएस) का जुर्माना भरने का आदेश दिया था. उनकी कुकबुक ‘द होल पेंट्री’ को प्रचलन से हटा दिया गया था.

नेटफ्ल‍िक्स की इस सीरीज में दिए गए कई तथ्यों की पुष्ट‍ि ऑस्ट्रेलियन मीड‍िया में छह साल पहले आई बेल ग‍िब्सन की खबरों और इंटरव्यू से भी होती है. किताब ‘द वूमन हू फूल्ड द वर्ल्ड: द ट्रू स्टोरी ऑफ फेक वेलनेस गुरु’ में भी गिब्सन के दावों का पता लगाया गया है कि कैसे बेल ने ये झूठ फैलाया कि उसने अपने कैंसर का इलाज केवल पौष्टिक भोजन और वैकल्पिक चिकित्सा के माध्यम से किया और कैसे उसने अपने इस झूठ के इर्द-गिर्द एक सक्सेसफुल लाइफस्टाइल ब्रांड बनाया.

खोजी पत्रकार ने खोली पोल
सीरीज में यह भी दिखाया गया है कि खोजी पत्रकार की पत्नी ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही है. वो कीमो थेरेपी और पारंपर‍िक इलाज ले रही होती है. लेकिन वो बेल द्वारा बताए गए नेचुरल हीलिंग के फंडे से इतनी प्रभावित होती है कि वो इलाज ही नहीं अपना घर छोड़कर नेचर की शरण में चली जाती है. बाद में जब मीड‍िया द्वारा पर्दाफाश होता है तो वो फिर से इलाज कराने लगती है. हालांकि पत्रकार की निजी जिंदगी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. लेकिन, इससे ये जरूर साफ होता है कि कैसे सोशल मीड‍िया इनफ्लूएंसर से लोग प्रभाव‍ित हो जाते हैं. लोग उनकी लाइफस्टाइल को देखकर अंदाजा लगाते हैं कि कैंसर सर्वाइवर होने के बावजूद अगर वो जिंदा बच गई और स्वस्थ है तो वो भी ऐसे हो सकते हैं.

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