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एसी की कीमत में डेढ़ हजार का इजाफा, कूलरों की कीमत में अगले माह से आएगी गर्मी

रायपुर . गर्मी ताे अभी प्रारंभ नहीं हुई है, लेकिन गर्मी में ठंड का अहसास कराने वाले सामान अभी से महंगे हाे गए हैं।एसी की कीमत में दाे साल से लगी आग इस बार फिर से भड़की है।इसकी कीमत में 15 सौ तक का इजाफा हो गया है, वहीं अगले माह से कूलरों की कीमत में भी आग लगेगी। इसके पीछे का कारण यह है कि कच्चा माल महंगा हो गया है, जिसके कारण कीमतों में इजाफा हुआ है। एसी की कीमत में अभी एक से डेढ़ हजार का इजाफा हो गया है, वहीं कूलर की कीमत 10 से 15 फीसदी का इजाफा होने की बात कारोबारी कह रहे हैं। कॉपर महंगा होने के कारण पंखे भी महंगे हो गए हैं। इस साल कारोबारियों को भरपूर काराेबार भी होने की उम्मीद है। तीन साल से कोरोना के कारण कारोबार प्रभावित रहा है। सीजन में सात से आठ सौ करोड़ का कारोबार होता है।
बाजार के हर सेक्टर में इस समय महंगाई की आग लगी हुई है। इसके पीछे कई तरह के कारण हैं। जहां कुछ सेक्टरों में वास्तव में कच्चा माल महंगा होने के कारण कीमतें बढ़ रही हैं, वहीं कुछ सेक्टर ऐसे भी है जो बिना किसी कारण के अपने सामानों की कीमत में इजाफा करके ग्राहकों को लूटने में लगे हैं। गर्मी के सीजन से पहले आमतौर पर एसी, कूलर और फ्रिज की कीमतों में कुछ साल से इजाफा हो रहा है। इस साल भी यहीं हो रहा है।
कॉपर की कीमत सात से हो गई 12 सौ
कारोबारियों के मुताबिक कॉपर की कीमत लगातार आसमान पर जा रही है। एसी, फ्रिज, कूलर और पंखों में लगने वाले कॉपर की कीमत जो पहले पहले सात सौ रुपए किलाे जीएसटी के बिना थी, जाे अब 12 सौ रुपए हो गई है। अलग-अलग कंपनियों के कॉपर की कीमत भी अलग-अलग है। कुछ की कीमत थोड़ी कम और ज्यादा अच्छी क्वालिटी वाले कॉपर की कीमत ज्यादा भी है।
दो साल से लगातार बढ़ रही है एसी की कीमत
एसी कारोबारियों के मुताबिक 2021 दिसंबर से ही इसकी कीमत में लगातार इजाफा हो रहा है। लगातार कीमत बढ़ने की वजह से अब तक एसी पांच से सात हजार तक महंगा हो चुका है। अब इस साल गर्मी के आगाज के पहले फिर एक बार कीमत में इजाफा हो गया है। इस समय कीमत में एक से डेढ़ का इजाफा हुआ है। अलग-अलग कंपनियों और टन के हिसाब से कीमत भी अलग-अलग बढ़ी है। इसी तरह दस हजार की कीमत वाले फ्रिज में पांच से सात सौ रुपए और 15 से 20 हजार वाले फ्रिज में हजार से डेढ़ हजार रुपए की वृद्धि हुई है। इस बार एक ही राहत है कि फ्रिज की कीमत में इजाफा नहीं हुआ है, जबकि पिछले साल बड़े फ्रिज जो 50 हजार या ज्यादा कीमत के आते हैं, उनमें दो से तीन हजार रुपए तक कीमत बढ़ी थी।
कूलरों की कीमत बढ़ेगी
कूलरों की कीमत में अभी इजाफा नहीं हुआ है, क्योंकि अभी इसकी बिक्री ज्यादा प्रारंभ नहीं हुई है। जिनके पास पुराना स्टॉक है, वो इस समय उसी कीमत पर कूलर बेच रहे हैं। थोक कारोबारियों के मुताबिक कच्चा माल, प्लास्टिक, स्टील की चादर, पंप और मोटर की कीमत में इजाफा होने के कारण लोकल कूलरों की कीमत में तीन से पांच सौ रुपए और ब्रांडेड कूलरों में हजार रुपए तक का इजाफा अगले माह से हो जाएगा। पंखों की कीमत भी बढ़ गई है। लोकल पंखे जो कॉपर वाले जो पहले आठ से नौ सौ तक मिलते थे, वो अब 14 से 15 सौ रुपए हो गए हैं। ब्रांडेड पंखों की कीमत में भी तीन से चार सौ रुपए का इजाफा हुआ है।
सीजन में 7 से 8 सौ करोड़ का कारोबार
प्रदेश में गर्मी के सीजन में औसत रोज करीब सात हजार कूलर बिकते हैं। पूरे सीजन में करीब चार लाख कूलर बिकते हैं। इसमें से करीब एक लाख कूलर ब्रांडेड कंपनियों के और तीन लाख लोकल कूलर हैं। जहां ब्रांडेड कंपनियों के कूलर की कीमत 8 से 12 हजार तक है। वहीं लोकल कूलर 6 से 8 हजार तक बिकते हैं। कुल मिलाकर करीब तीन सौ करोड़ का कारोबार होता है। एसी कारोबारियों के मुताबिक प्रदेश में सभी तरह के एसी को मिलाकर गर्मी के सीजन में 65 से 70 हजार एसी बिकते हैं। यानी रोज औसत हजार से ज्यादा बिकते हैं। एक एसी की कीमत औसत 35 से 40 हजार के आसपास है। एसी का काराेबार भी चार सौ करोड़ का हो जाता है। प्रदेश में सभी कंपनियों के फ्रिज मिलाकर साल भर में इसका दो से ढाई सौ करोड़ का व्यापार होता है। इसमें से 40 फीसदी यानी करीब सौ करोड़ का व्यापार गर्मी के सीजन में होता है। कुल मिलाकर एसी, फ्रिज और कूलर का सीजन में सात से आठ सौ करोड़ का कारोबार हो जाता है।

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