राजस्व वसूली के लिए अफसरों को मिलेगा टारगेट - realtimes
मौसम डेटा स्रोत: रायपुर मौसम
Top News

राजस्व वसूली के लिए अफसरों को मिलेगा टारगेट

अब निगम की टीमें बकायादारों के घर जल्द देंगी दस्तक


भोपाल । नए वित्तीय वर्ष में राजस्व वसूली के लिए नगर निगम के वार्ड प्रभारी और जोनल अधिकारियों को टारगेट मिलने शुरू हो गए हैं। इसका नतीजा ये होगा कि जल्द ही वसूली बढ़ाने के लिए निगम कर्मचारी आपके दरवाजे पर भी दस्तक दे सकते हैं। नवागत नगर निगम कमिश्नर फ्रैंक नोबल ए ने राजस्व शाखा और बिल्डिंग परमिशन शाखा के साथ बैठक लेकर करीब 107 करोड़ के टारगेट तय किए हैं। तय ये हुआ है कि ये वसूली चार अलग-अलग कैटेगरी यानी प्रॉपर्टी टैक्स, जलदर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट फीस और कंपाउंडिंग से की जाएगी।

अब तक ये टारगेट सालाना होते थे, अब इन्हें मासिक स्तर पर तय कर दिया गया है। इसे भी नई प्लानिंग के तहत वसूला जाएगा। यानी पिछले साल किसी महीने में जितनी वसूली हुई थी, इस साल संबंधित अमले को उससे 10 प्रतिशत ज्यादा वसूली करनी होगी। भोपाल नगर निगम की टीम ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल 497 करोड़ रुपए वसूले थे।

बिल्डिंग परमिशन शाखा को 27 करोड़ रुपए का टारगेट

बिल्डिंग परमिशन शाखा के तहत आने वाले कॉलोनी प्रकोष्ठ, अनधिकृत कॉलोनी प्रकोष्ठ और भवन अनुज्ञा शाखा का करीब 27 करोड़ रुपए का टारगेट तय किया गया है। इन्हें जोनवार भवन अनुज्ञा शुल्क, समझौता प्रकरण, कार्यपूर्णता, मैरिज गार्डन शुल्क आदि जमा करवाना है। तीनों टीमों ने 1 अगस्त तक 23 करोड़ रुपए की वसूली कर ली है। अब बचे 27 करोड़ रुपए की वसूली करनी है।

रोजाना तीन बड़े बकायादारों से वसूली

हर वार्ड प्रभारी को रोजाना कम से कम तीन बड़े बकायेदारों से बकाया राशि वसूलनी है। दूसरा ये है कि रोजाना उन्हें तीन नए खाते भी खोलने हैं। ये खाते जलदर, प्रॉपर्टी टैक्स और सीवेज लाइन में से कोई भी हो सकते हैं। इस काम के लिए वार्ड स्तर पर 4-5 कर्मचारी लगाए गए हैं। सतत एप्लीकेशन के जरिए हर घर जाकर इन्हें लोगों के प्रॉपर्टी, जलदर और सीवेज लाइन के कनेक्शन जांचने हैं। जिन भवनों में बोरिंग है या पहले से इस तरह के कनेक्शन हैं तो उन घरों को छोडऩा है। लेकिन जिन भवनों में इनमें से कोई एक भी कनेक्शन नहीं है तो उनका नया खाता खुलवाया जा रहा है। फिलहाल भोपाल के 19 लाख वोटर्स के बीच प्रॉपर्टी के 5.14 लाख और जलदर के 2.56 लाख खाते ही हैं। एक अप्रैल से अब तक प्रॉपर्टी के 20164 और जलदर के 6502 नए खाते खोले जा चुके हैं। यानी इतने लोगों से अब राजस्व वसूली भी की जाएगी।

Related Articles

Back to top button