हॉकी इंडिया ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर की भविष्योन्मुखी प्रशासनिक सुधारों की शुरुआत

नई दिल्ली। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर शुक्रवार को हॉकी इंडिया ने भारतीय हॉकी को नई दिशा देने के लिए बड़े प्रशासनिक सुधारों की शुरुआत की। हॉकी इंडिया ने इस ऐतिहासिक दिन को चिह्नित करते हुए हर स्तर पर खेल में अधिक पारदर्शिता, पहुंच और व्यावसायिकता लाने के लिए डिज़ाइन किए गए भविष्यवादी, एथलीट-केंद्रित ई-सुधारों की एक श्रृंखला पर प्रकाश डालते हुए सुशासन और भारतीय हॉकी के विकास के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
प्रमुख पहलों में खिलाड़ियों के लिए डिजिटल पहचान पत्र जारी करना, पंजीकरण और सत्यापन प्रक्रियाओं को सरल बनाना और साथ ही घरेलू सर्किट में पारदर्शिता और पता लगाने की क्षमता सुनिश्चित करना शामिल है। ये पहचान पत्र हॉकी इंडिया के मेम्बर युनिट्स पोर्टल से सीधे डाउनलोड किए जा सकते हैं, जिससे खिलाड़ियों को आसानी से पहुंच मिलती है और कागजी कार्रवाई कम होती है, जो सुव्यवस्थित पहचान के आधार मॉडल की तरह है।
प्रशासन को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए, हॉकी इंडिया ने डिजिलॉकर को पूरी तरह से एकीकृत कर दिया है, जिससे खिलाड़ियों को हॉकी इंडिया राष्ट्रीय चैंपियनशिप के अपने सभी प्रमाणपत्र प्राप्त करने में मदद मिलेगी—जिनमें पिछले पांच वर्षों के प्रमाणपत्र भी शामिल हैं। इस कदम से न केवल रिकॉर्ड रखना आसान हो गया है, बल्कि खिलाड़ियों को कॉलेज में दाखिले, नौकरी के आवेदन और अन्य सत्यापन संबंधी ज़रूरतों में भी मदद मिली है। इसके साथ ही, डिजिलॉकर इंटीग्रेशन के माध्यम से खिलाड़ी पिछले पांच वर्षों के राष्ट्रीय चैंपियनशिप प्रमाणपत्र ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। इससे कॉलेज एडमिशन, नौकरी और अन्य वेरिफिकेशन में आसानी होगी।
हॉकी इंडिया ने एथलीट मैनेजमेंट सिस्टम भी लॉन्च किया है, जिसमें खिलाड़ियों का परफॉर्मेंस ट्रैकिंग, टूर्नामेंट डेटा, ट्रेनिंग शेड्यूल और चोट/रिकवरी मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसमें वियरेबल टेक्नोलॉजी के जरिए नींद, तनाव और रिकवरी लेवल का आकलन किया जाएगा। वरिष्ठ पुरुष और महिला कोर खिलाड़ी पहले से ही विशेष वॉच-बैंड पहनते हैं, जिससे उनकी फिटनेस और आराम का आंकलन होता है।
इस अवसर पर डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा, “नेशनल चैंपियनशिप के दौरान खिलाड़ियों की मूवमेंट मॉनिटरिंग से जुड़ी कुछ चुनौतियां सामने आई थीं। डिजिटल आईडी और डिजिलॉकर इंटीग्रेशन से इन समस्याओं का समाधान हुआ है। यह कदम हमारी पारदर्शिता और एथलीट-फर्स्ट नीति को मजबूत करता है।” हॉकी इंडिया ने घोषणा की कि वर्तमान में बेरोज़गार राष्ट्रीय खिलाड़ियों को 2 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा, “यह पहल खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ यह संदेश भी देती है कि हॉकी इंडिया हमेशा उनके साथ खड़ा है।”
संगठन ने हाल ही में पारित राष्ट्रीय खेल गवर्नेंस अधिनियम 2025 का स्वागत किया है, जिसे खेल प्रशासन में पारदर्शिता, निष्पक्ष चुनाव, लैंगिक समानता, एथलीट प्रतिनिधित्व और एंटी-डोपिंग जैसी व्यवस्थाओं के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इससे पहले आज सुबह बिहार के राजगीर में जारी हीरो एशिया कप 2025 के उद्घाटन मुकाबले (मलेशिया बनाम बांग्लादेश) से पहले आयोजित कार्यक्रम में एशियाई हॉकी महासंघ के अध्यक्ष फुमियो ओगुरा, बीएसएसए के डीजी-कम-सीईओ रवीन्द्रन शंकरण (आईपीएस), पटना ज़ोन के आईजी जितेंद्र राणा (आईपीएस), हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार तिर्की, महासचिव भोला नाथ सिंह, कोषाध्यक्ष शेखर जे मनोहरन और निदेशक जनरल कमांडर आर.के. श्रीवास्तव ने मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर देशभर के लगभग 500 जिलों में विशेष कार्यक्रम, हॉकी गतिविधियां और जमीनी स्तर की पहलें आयोजित की गईं।



