पॉवर कंपनी काे तगड़ा झटका, केंद्र सरकार का फरमान स्मार्ट मीटर का एक ही टेंडर हाे

रायपुर(realtimes) केंद्र सरकार ने स्मार्ट मीटर याेजना में छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी काे तगड़ा झटका देते हुए याेजना में दो अलग-अलग के बजाय एक ही टेंडर करने का फरमान जारी किया है। प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं के मीटर स्मार्ट करने से पहले छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने फीडरों के साथ लाइनों के मीटरों को स्मार्ट करने के लिए अलग से टेंडर किया था, लेकिन इस टेंडर को केंद्र सरकार ने मंजूरी देने से इनकार कर दिया ऐसे में अब पॉवर कंपनी को इस टेंडर को उपभोक्ताओं के मीटरों के लिए किए गए टेंडर में मर्ज करना पड़ा है। अब यह टेंडर अगले माह के पहले सप्ताह में खुलेगा और दोनों काम एक ही कंपनी को दिए जाएंगे।
प्रदेश सरकार ने तीन माह पहले कैबिनेट में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 12 हजार करोड़ की योजनाओं को मंजूरी दी। इसके बाद इनको केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया, क्योंकि अलग-अलग योजना में केंद्र सरकार से भी मदद मिलती है। दिल्ली में हुई मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक मे पॉवर कंपनी के दो प्रस्ताव रखे गए जिनको प्रारंभिक तौर पर सहमति मिली। इसमें पहले साढ़े तीन हजार करोड़ की योजना पर मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम प्रारंभ करने के लिए टेंडर किया गया। योजना में दो तरह के टेंडर किए गए। एक टेंडर में फीडरों और ट्रांसफार्मरों के खंबे में लगने वाले मीटरों का करीब 583.33 करोड़ का टेंडर है और दूसरा 2903 करोड़ का टेंडर दूसरे कामों का है। इसका टेंडर खोला जाता इसके पहले केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर वाली योजना को मंजूरी दे दी। जब इसका अलग से टेंडर करके केंद्र सरकार को जानकारी भेजी गई तो केंद्र सरकार ने पहले वाले स्मार्ट मीटर के टेंडर को नामंजूर करते हुए इसको उपभोक्ताओं वाले मीटरों के साथ मर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अब केंद्र सरकार के निर्देश के मुताबिक ही टेंडर में बदलाव किया गया है।
नए साल से लगेंगे मीटर
प्रदेश में 60 लाख बिजली उपभोक्ताओं के मीटरों को स्मार्ट किया जाएगा। इसके लिए किया गया टेंडर अब फीडरों और लाइनों के मीटरों के साथ दिसंबर के पहले सप्ताह में खोला जाएगा। इसकी प्रक्रिया को पूरा करके नए साल से ठेका लेने वाली कंपनी को मीटर लगाने का काम प्रारंभ करने के लिए वर्क आर्डर मिल जाएगा। योजना में केंद्र सरकार से इसके लिए एक मीटर के नौ सौ रुपए के हिसाब से 540 करोड़ मिलेंगे, जबकि उपभोक्ताओं के मीटर खरीदने पर ही 3600 करोड़ खर्च होंगे। अन्य कार्यों को मिलाकर करीब चार हजार करोड़ योजना में खर्च होंगे। इसलिए पॉवर कंपनी ने टेंडर बीबी फुट मोड में किया है। इसमें ठेका लेने वाली कंपनी ही पूरा खर्च करेगी। पॉवर कंपनी उनको ईएमआई में भुगतान करेगी।



