खास खबर: भाजयुमो की नई कार्यकारिणी भी विवादों में

रायपुर. भारतीय जनता युवा मोर्चा की तीन माह बाद बनी नई कार्यकारिणी काे लेकर भी विवाद प्रारंभ हो गया है। इस बार के विवाद में ओवरएज का मसला नहीं है क्योंकि नए अध्यक्ष रवि भगत ने ओवरएज पुराने पदाधिकारियों काे बाहर का रास्ता दिखा दिया है, लेकिन सारे के सारे जाे साै फीसदी नए चेहरे रखे गए हैं, उनकी सक्रियता और अनुभव काे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। नई कार्यकारिणी को लेकर अध्यक्ष का कहना है, सभी बड़े नेताओं से रायशुमारी कर ही संतुलन बनाते हुए नई टीम बनाई गई है। टीम को बनाने में तीन माह का समय लगा है। सबकी सहमति से ही टीम बनाई गई है।
भाजयुमो के नए अध्यक्ष रवि भगत ने दाे दिन पहले ही अपनी नई टीम का ऐलान किया है। इस टीम में पुराने अध्यक्ष अमित साहू की टीम का एक भी पदाधिकारी नहीं है। सभी नए चेहरों को टीम में रखा गया है। टीम में 80 फीसदी चेहरे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के हैं। इसको लेकर सोशल मीडिया में यह भी चर्चा चल रही है कि टीम को भाजयुमो के स्थान पर विद्यार्थी परिषद की टीम जैसा बना दिया गया है।
ओवरएज को किया बाहर
नए अध्यक्ष की कमान संभालने के बाद रवि भगत ने कहा था कि उनकी टीम में पुराने ओवरएज पदाधिकारियों को नहीं रखा जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या से मुलाकात में भी श्री भगत को अपनी टीम में ओवरएज कार्यकर्ताओं को पद देने से बचने की और पुराने को टीम में न रखने के निर्देश मिले थे। इसके पहले भी जब अमित साहू की टीम बनी थी, तब भी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के ओवरएज को न रखने के निर्देश थे, लेकिन इसके बाद भी आधा दर्जन से ज्यादा पदाधिकारी 35 साल से ज्यादा वाले रख लिए गए थे। इसको लेकर विवाद भी हुआ और पूर्व प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई का मन भी बनाया था और सभी पदाधिकारियों की कुंडली मंगवाई थी, लेकिन इस मामले में कुछ नहीं हो सका। अब नया अध्यक्ष बनने पर नई कार्यकारिणी में सब नया कर दिया गया है।
कुछ नामों पर विवाद
नई कार्यकारिणी के कुछ नामों को लेकर भी विवाद हो रहा है। रायपुर जिले के मीडिया प्रभारी रहे विकास मित्तल काे प्रदेश का मीडिया प्रभारी बनाया गया है, उनके नाम से सोशल मीडिया में लिखा जा रहा है वे जिले में ही सक्रिय न नहीं थे तो प्रदेश का काम कैसे देखेंगे।इसी के साथ कहा जा रहा है कि जिनके पास अनुभव नहीं है, उनको रख लिया गया है। उपाध्यक्ष बनाई एक पदाधिकारी काे लेकर कहा जा रहा है, वह कांग्रेस से इसी साल भाजपा में आई हैं और उनको बड़ा पद दे दिया गया है। इस मामले में अध्यक्ष रवि भगत का कहना है, जिनको निष्क्रिय बताया जा रहा है, वे पहले जिले में काम कर चुके हैं। जिनको नया और दूसरी पार्टी से आया हुआ बताया जा रहा है, उनके नाम पर मैंने अकेले मुहर नहीं लगाई है। सभी बड़े नेताओं से रायशुमारी करके नाम तय किए गए हैं और पूरी सूची संगठन को भेजी गई थी, वहां से मंजूरी मिलने पर ही कार्यकारिणी का ऐलान किया गया है।



